Bible-Server.org  
 
 
Praise the Lord, all ye nations      
Psalms 117:1       
 
enter keywords   match
 AND find keywords in

Home Page
उत्पत्ति
Genesis
निर्गमन
Exodus
लैव्यवस्था
Leviticus
गिनती
Numbers
व्यवस्थाविवरण
Deuteronomy
यहोशू
Joshua
न्यायियों
Judges
रूत
Ruth
1 शमूएल
1 Samuel
2 शमूएल
2 Samuel
1 राजा
1 Kings
2 राजा 
2 Kings
1 इतिहास
1 Chronicles
2 इतिहास
2 Chronicles
एज्रा
Ezra
नहेमायाह
Nehemiah
एस्तेर
Esther
अय्यूब
Job
भजन संहिता
Psalms
नीतिवचन
Proverbs
सभोपदेशक
Ecclesiastes
श्रेष्ठगीत
Song of Solomon
श्रेष्ठगीत
Isaiah
यिर्मयाह
Jeremiah
विलापगीत
Lamentations
यहेजकेल
Ezekiel
दानिय्येल
Daniel
होशे
Hosea
योएल
Joel
आमोस
Amos
ओबद्दाह
Obadiah
योना
Jonah
मीका
Micah
नहूम
Nahum
हबक्कूक
Habakkuk
सपन्याह
Zephaniah
हाग्गै
Haggai
जकर्याह
Zechariah
मलाकी
Malachi
मत्ती
Matthew
मरकुस
Mark
लूका
Luke
यूहन्ना
John
प्रेरितों के काम
Acts
रोमियो
Romans
1 कुरिन्थियों
1 Corinthians
2 कुरिन्थियों
2 Corinthians
गलातियों
Galatians
इफिसियों
Ephesians
फिलिप्पियों
Philippians
कुलुस्सियों
Colossians
1 थिस्सलुनीकियों
1 Thessalonians
2 थिस्सलुनीकियों
2 Thessalonians
1 तीमुथियुस
1 Timothy
2 तीमुथियुस
2 Timothy
तीतुस
Titus
फिलेमोन
Philemon
इब्रानियों
Hebrews
याकूब
James
1 पतरस
1 Peter
2 पतरस
2 Peter
1 यूहन्ना
1 John
2 यूहन्ना
2 John
3 यूहन्ना
3 John
यहूदा
Jude
प्रकाशित वाक्य
Revelation
 
 

 
 
translate into
दानिय्येल Chapter1
 
1 यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के तीसरे वर्ष में बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने यरूशेलम पर चढ़ाई करके उसको घेर लिया।
 
2 तब परमेश्वर ने यहूदा के राजा यहोयाकीम को परमेश्वर के भवन के कई पात्रोंसहित उसके हाथ में कर दिया; और उस ने उन पात्रोंको शिनार देश में अपके देवता के मन्दिर में ले जाकर, अपके देवता के भण्डार में रख दिया।
 
3 तब उस राजा ने अपके खोजोंके प्रधान अशपनज को आज्ञा दी कि इस्राएली राजपुत्रोंऔर प्रतिष्ठित पुरूषोंमें से ऐसे कई जवानोंको ला,
 
4 जो निर्दोष, सुन्दर और सब प्रकार की बुद्धि में प्रवीण, और ज्ञान में निपुण और विद्वान्‌ और राजमन्दिर में हाजिर रहने के योग्य हों; और उन्हें कसदियोंके शास्त्र और भाषा की शिझा दे।
 
5 और राजा ने आज्ञा दी कि उसके भोजन और पीने के दाखमधु में से उन्हें प्रतिदिन खाने-पीने को दिया जाए। इस प्रकार तीन वर्ष तक उनका पालन पोषण होता रहे; तब उसके बाद वे राजा के साम्हने हाजिर किए जाएं।
 
6 उन में यहूदा की सन्तान से चुने हुए, दानिय्थेल, हनन्याह, मीशाएल, और अजर्याह नाम यहूदी थे।
 
7 और खोजोंके प्रधान ने उनके दूसरे नाम रखें; अर्यात्‌ दानिय्थेल का नाम रखे; अर्यात्‌ दानिय्थेल का नाम उस ने बेलतशस्सर, हनन्याह का शद्रक, मीशाएल का मेशक, और अजर्याह का नाम अबेदनगो रखा।।
 
8 परन्तु दानिय्थेल ने अपके मन में ठान लिया कि वह राजा का भोजन खाकर, और उसके पीने का दाखमधु पीकर अपवित्र न होए; इसलिथे उस ने खोजोंके प्रधान से बिनती की कि उसे अपवित्र न होना पके।
 
9 परमेश्वर ने खोजोंके प्रधान के मन में दानिय्थेल के प्रति कृपा और दया भर दी।
 
10 और खोजोंके प्रधान ने दानिय्थेल से कहा, मैं अपके स्वामी राजा से डरता हूं, क्योंकि तुम्हारा खाना-पीना उसी ने ठहराया है, कहीं ऐसा न हो कि वह तेरा मुंह तेरे संगी के जवानोंसे उतरा हुआ और उदास देखे और तुम मेरा सिर राजा के साम्हने जाखिम में डालो।
 
11 तब दानिय्थेल ने उस मुखिथे से, जिसको खोजोंके प्रधान ने दानिय्थेल, हनन्याह, मीशाएल, और अजर्याह के ऊपर देखभाल करने के लिथे नियक्त किया या, कहा,
 
12 मैं तेरी बिनती करता हूं, अपके दासोंको दस दिन तक जांच, हमारे खाने के लिथे सागपात और पीने के लिथे पानी ही दिया जाए।
 
13 फिर दस दिन के बाद हमारे मुंह और जो जवान राजा का भोजन खाते हैं उनके मुंह को देख; और जैसा तुझे देख पके, उसी के अनुसार अपके दासोंसे व्यवहार करना।
 
14 उनकी यह बिनती उस ने मान ली, और दास दिन तक उनको जांचता रहा।
 
15 दस दिन के बाद उनके मुंह राजा के भोजन के खानेवाले सब जवानोंसे अधिकर अच्छे और चिकने देख पके।
 
16 तब वह मुखिया उनका भोजन और उनके पीने के लिथे ठहराया हुआ दाखमधु दोनोंछुड़ाकर, उनको सागपात देने लगा।।
 
17 और परमेश्वर ने उन चारोंजवानोंको सब शस्त्रों, और सब प्रकार की विद्याओं में बुद्धिमानी और प्रवीणता दी; और दानिय्थेल सब प्रकार के दर्शन और स्वपन के अर्य का ज्ञानी हो गया।
 
18 तब जितने दिन के बाद नबूकदनेस्सर राजा ने जवानोंको भीतर ले आने की आज्ञा दी यी, उतने दिन के बीतने पर खोजोंके प्रधान उन्हें उसके सामने ले गया।
 
19 और राजा उन से बातचीत करने लगा; और दानिय्थेल, हनन्याह, मीशाएल, और अजर्याह के तुल्य उन सब में से कोई न ठहरा; इसलिथे वे राजा के सम्मुख हाजिर रहने लगे।
 
20 और बुद्धि और हर प्रकार की समझ के विषय में जो कुछ राजा उन से पूछता या उस में वे राज्य भर के सब ज्योतिषयोंऔर तन्त्रियोंसे दसगुणे निपुण ठहरते थे।
 
21 और दानिय्थेल कुस्रू राजा के पहिले वर्ष तक बना रहा।।
 
 

  | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | [ Next ]